MISHTI (Mangrove Initiative for Shoreline Habitats & Tangible Incomes) योजना का उद्देश्य भारत के तटीय क्षेत्रों में मैंग्रोव वनों का संरक्षण, पुनर्स्थापन (Restoration) एवं विस्तार करना है।
- बजट 2023-24 में इसकी घोषणा की गई थी।
योजना का पूरा नाम
MISHTI – Mangrove Initiative for Shoreline Habitats & Tangible Incomes
उद्देश्य
- मैंग्रोव वनों का संरक्षण एवं विस्तार।
- तटीय कटाव (Coastal Erosion) को रोकना।
- जैव विविधता (Biodiversity) का संरक्षण।
- स्थानीय लोगों की आजीविका (Livelihood) बढ़ाना।
- Blue Carbon भंडारण को बढ़ावा देना।
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना।
प्रमुख तथ्य
- घोषणा: केंद्रीय बजट 2023-24
- कार्यान्वयन: तटीय राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में।
- वित्तीय सहायता: CAMPA Fund तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से।
हाल की प्रगति
- गुजरात मैंग्रोव विस्तार में अग्रणी राज्यों में शामिल।
- आंध्र प्रदेश ने Fish Bone Technique अपनाकर मैंग्रोव पुनर्स्थापन में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।
- लगभग ₹18.04 करोड़ की परियोजनाओं को विभिन्न चरणों में स्वीकृति/कार्यान्वयन मिला।
Fish Bone Technique (आंध्र प्रदेश)
क्या है?
- ज्वारीय जल (Tidal Water) के प्राकृतिक प्रवाह को पुनर्स्थापित करने के लिए मछली की हड्डी (Fish Bone) जैसी संरचना में छोटे-छोटे ज्वारीय चैनल बनाए जाते हैं।
लाभ
- मैंग्रोव पौधों की प्राकृतिक वृद्धि।
- क्षतिग्रस्त भूमि का पुनर्जीवन।
- मिट्टी की लवणता का संतुलन।
- जैव विविधता में वृद्धि।
Great Green Wall Initiative
- अफ्रीका की पहल।
- उद्देश्य: मरुस्थलीकरण रोकना एवं हरित पट्टी विकसित करना।
- भारत का Aravalli Green Wall Project इसी से प्रेरित है।
मैंग्रोव का महत्व
- तटीय क्षेत्रों को चक्रवात एवं सुनामी से सुरक्षा।
- Blue Carbon का बड़ा भंडार।
- मछलियों एवं समुद्री जीवों का प्रजनन स्थल।
- जैव विविधता का संरक्षण।
- कार्बन अवशोषण (Carbon Sequestration)।
- स्थानीय समुदायों की आजीविका में सहायता।