भारत म्यांमार संबंध पर चर्चा करें।
Vinay singh Vinayiasacademy.com
भारत म्यांमार में संबंध में चीन से अलग हटकर म्यांमार तटस्थ रखते हुए एक समझौता करना चाहता है, जिसमें जातीय सशस्त्र गुट, मानवाधिकार का मुद्दा और सीमा संबंधी ऐतिहासिक विवाद के संबंध को भी रखा जा रहा है। भारत सावधानी बरतते हुए म्यांमार की सैन्य सरकार से भारत के साथ रिश्तों को दूसरे लोकतांत्रिक देश के लिए भी एक उदाहरण के तौर पर पेश करना चाहता है। म्यांमार की राजनीतिक, आर्थिक एवं राजनयिक आवश्यकता ज्यादा है। भारत के इसी कूटनीतिक कदम से चीन थोड़ा परेशान है। भारत के लिए यह और म्यांमार के लिए भी नई शुरुआत है. क्षेत्रीय सहयोग, शांति, स्थिरता और साझा समिति की संभावना को बढ़ावा देने वाला है। लगभग 1643 किलोमीटर लंबी सीमा पर हथियार, ड्रग तस्करी, अवैध घुसपैठ और विद्रोही गुट की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। दोनों देश संयुक्त गस्त, खुफिया जानकारी साझा करने और समन्वय पर जोर दे रहे हैं. मणिपुर, नागालैंड और असम जैसे राज्य में स्थिरता लाने में मदद मिल सकता है। म्यांमार ने भारत को भरोसा भी दिया है कि उसके क्षेत्र का इस्तेमाल भारत के हित के खिलाफ नहीं किया जाएगा। म्यांमार क्षेत्रीय विकास के लिए स्थिरता और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा रहा है, वहीं म्यांमार में चीन की गहरी पैठ भारत के लिए घातक है। यू मिन आंग विंग की यात्रा म्यानमार में अन्य महाशक्ति के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने का प्रयास भी है। जिसमें कलादान मल्टी मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट, भारत म्यांमार थाईलैंड, त्रिपक्षीय हाईवे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इसके द्वारा पूर्वोत्तर भारत, बंगाल की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व एशिया से सीधे जुड़ जाएगा। हाइवे से दक्षिण एशिया और दक्षिणी पूर्व एशिया के संपर्क और आर्थिक संपत्ति के लिए गेम चेंजर साबित होगा। म्यांमार के तेल, गैस और खनिज, संसाधन भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरत तथा इजराइल, ईरान, अमेरिका तनाव, रूस, उक्रेन संघर्ष जैसे भविष्य की ऊर्जा संकट के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित हो सकता है। म्यांमार में सेना और जातीय सशस्त्र गुटों के बीच संघर्ष अभी थमा नहीं है। इस मुद्दे पर भारत का रुख व्यावहारिक है, वह आंतरिक मामले में हस्तक्षेप नहीं चाहता है, लेकिन लोकतंत्र, शांति प्रक्रिया और समावेशी वार्ता पर जोर देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *