झारखंड में लोग देश में सबसे कम वसा का सेवन करते हैं .न्यूट्रीशनल इनटेक इन इंडिया की रिपोर्ट में झारखंड में प्रति व्यक्ति सबसे कम वसा यानी कि तेल घी मक्खन आदि की खपत हो रही है. एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना 50 से 60 ग्राम बस के जरूरत होती है .देश के अलग-अलग शहर में यह सर्वे किया गया है. झारखंड में इसकी खपत मात्र 30 से 35 ग्राम ही होती है. जिसके चलते यहां पर कई प्रकार की बीमारी फैलने का खतरा है .झारखंड में ग्रामीण क्षेत्र में 28 से लेकर 32 ग्राम और शहरी क्षेत्र में 38 से लेकर 40 ग्राम वसा की खपत हो रही है जबकि केरल में 60 ग्राम गुजरात में 55 ग्राम उत्तर प्रदेश बिहार में औसत 40 ग्राम से अधिक खपत हो रही है. कम वसा लेने से शरीर को पूरा एनर्जी नहीं मिलता है थकावट कमजोरी सुस्ती का खतरा होता है .विटामिन ए विटामिन डी विटामिन E और विटामिन के की कमी हो जाती है