क्या है जी आई टैग, जो कुछ साड़ी, बम्बूक्राफ्ट समेत झारखंड के 5 उत्पाद को दिया जा रहा है।
Vinay singh Vinayiasacademy.com
जीआई टैग एक विशेष चिन्ह है जो किसी उत्पाद को उसकी विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति के आधार पर दिया जाता है। यह एक बौद्धिक संपदा अधिकार है जो कृषि उत्पाद, प्राकृतिक वस्तु और पारंपरिक हासिल उत्पाद के लिए दिया जाता है। जीआई टैग उत्पादकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है और किसी अन्य व्यक्ति संस्था को इस उत्पाद के नाम का अनुचित उपयोग करने से रोकता है। झारखंड में पहले सोहराई पेंटिंग को यह मिल चुका है। अब राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक ने सरायकेला खरस्वां क्षेत्र का कुचाई सिल्क, गोड्डा की भगिया साड़ी एवं फैवरिक, खूँटी क्षेत्र का प्रसिद्ध बम्बू क्राफ्ट को जीआई tag दिया जाएगा। सिमडेगा की मीठी अमली को भी इसके लिए भेजा गया है। सरायकेला का कुचाई हल्दी और सिमडेगा का बीरू गमछा भी इस उत्पाद में शामिल होगा।जीआई tag का दर्जा किसान और कारीगरों को उनके उत्पाद के लिए बेहतर कीमत प्राप्त करने में मदद करता है। उदाहरण के तौर पर खास आदिवासी आभूषण जैसे उत्पादों को जीआई टैग मिलने से वे अन्य प्रतिस्पर्धी उत्पाद से अलग पहचान बना सकेंगे। इससे उनकी ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी। सरकार इन उत्पाद को बढ़ावा देगी, जिससे राज्य को भी एक विशिष्ट पहचान मिलेगा।