झारखंड की नृत्यकार बुटेन देवी सोमवारी देवी और सरायकेला के 6 मुखौटा शिल्पकार, सुशांत कुमार महापात्र को कौन सा सम्मान मिला है?
देश के सर्वोच्च प्रदर्शन कला सम्मान संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार इन्हें दिया गया है। पहली बार झारखंड में ज्वाइंट अवार्ड बटून व सोमवारi देवी को एक साथ दिया जा रहा है। बुंडू की रहने वाली बुटन देवी व सोमवारi देवी ने अपना संपूर्ण जीवन झारखंड की पारंपरिक नचनी नृत्य, परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित किया है। सामाजिक उपेक्षा और आर्थिक कठिनाई के बावजूद उन्होंने लोक संस्कृति की अनमोल धरोहर को जीवित है। सरायकेला के प्रख्यात मुखौटा शिल्पकार, सुशांत कुमार महापात्र ने 6 दशक से अधिक समय तक सरायकेला, chhau की पारंपरिक मुखौटा कला वेशभूषा और श्रृंगार परंपरा के संरक्षण एवं विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने रायकेला, chhau को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *