चर्चा में कलस्टर सिस्टम है, जाने की कलस्टर सिस्टम क्या होता है?
कॉलेज को आपस में जोड़ा जाता है। इसमें हर कॉलेज की विशेषता के लिए केंद्र बनाया जाता है ताकि संसाधन और शिक्षक का वेतन उपयोग हो सकें। सरकार का मानना है कि इससे कम छात्र संख्या वाले विषय पर होने वाला खर्चा घट जाएगा और कॉलेज में विशेषज्ञता विकसित करने वाले का कहना है कि शिक्षा की विशेष चयन की सफलता प्रभावित हो रही है.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर कॉलेज का एक मुख्य अकादमिक चरित्र रहेगा ,यानी किसी कॉलेज को साइंस, किसी को सोशल साइंस, किसी को ह्यूमैनिटीज या जनजातीय भाषा का प्रमुख केंद्र बना दिया जाए लेकिन अन्य विषयों की पढ़ाई पूरी तरह से बंद नहीं की जाए. जिन विषयों में पर्याप्त छात्र होंगे वहां पढ़ाई जारी रहेगी।हालांकि, उड़िया बांग्ला विषयों पर संकट बना रह सकता है क्योंकि इनमें छात्र की संख्या काफी कम होती है

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