ताइबान एवं चीन के बीच विवाद का मुख्य कारण क्या है
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1940 में चीन के दो प्रमुख ग्रुप जिसमें कम्युनिस्ट पार्टी एवं राष्ट्रवादी पार्टी के बीच एक संघर्ष हुआ कि कौन शासन करेगा, एक पार्टी माओ के नेतृत्व में थी और दूसरी xianshek के नेतृत्व में थी। संघर्ष के बाद 1949 ईसवी में कम्युनिस्ट पार्टी जो माओ के नेतृत्व में थी, वह संघर्ष जीत गई और इससे यह तय हुआ कि पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना जो कि भूमि वाला क्षेत्र है वहां कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार होगी एवं राष्ट्रवादी पार्टी जो समुद्र में है, द्वीप के रूप में वहां ताइबान का शासन होगा( रिपब्लिक ऑफ़ चाइना). लेकिन चीन उसे अपना ही अंग मानता है। अमेरीका ताइवान को समर्थन देता है और चीन इसका विरोध करता है। लड़ाई का मुख्य कारण यह है कि चीन बल प्रयोग करके ताइबान को अपने साथ मिलाना चाहता है। तालबान में सेमीकंडक्टर का एक बड़ा उद्योग भी है.

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