अन्वेष (anwesha) उपग्रह क्यों चर्चा में है. यह असफल क्यों हो गया?
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अन्वेष(anwesha) उपग्रह डीआरडीओ के लिए बनाया गया एक एडवांस्ड सेटेलाइट है यह हाइपर स्पेक्ट्रेल इमेजिंग की मदद से पृथ्वी की छोटी-छोटी चीजों की इतनी अच्छी तस्वीर दे सकता है ,जो साधारण कैमरे नहीं दे पाए .यह सीमा सुरक्षा से लेकर मिट्टी के प्रकार और खेतों की स्थिति तक को सटीक बताने में सक्षम था .इसमें सात देसी व 8 विदेशी उपग्रह थे. इसमें थाईलैंड नेपाल ब्राजील फ्रांस ब्रिटेन के उपग्रह थे. देसी उपग्रह में हैदराबाद के स्टार्टअप ध्रुव स्पेस की ओर से छात्रों के पांच उपग्रह थे डेमोंसट्रेशन सैटेलाइट ,गऊ सेट डीएसओ, सेट थाई बोल्ट 1 ,लचित वन. इसके अलावा यह रि फीलिंग वाला उपग्रह था .जो अंतरिक्ष में सैटेलाइट को ईंधन देता जिस से भी लंबे समय तक काम करते हैं. बनाने की लागत 125 करोड रुपए थी .पीएसएलवी c62 की लागत में 150 crore है .इसका बीमा नहीं था क्योंकि यह एक सरकारी उपग्रह था. बाकी सैटेलाइट insured थे. निजी ग्रह का बीमा किया जाता है सरकारी उपग्रह का कभी बीमा नहीं किया जाता है लेकिन यह असफल हो गया .इससे पहले 18 मई 2025 को लांच हुआ पीएसएलवी रॉकेट भी तीसरा स्टेज पूरा नहीं कर पाया था. इसरो का पीएसएलवी-c62 रॉकेट मिशन के द्वारा किया गया था जो असफल हुआ. यह कुल 16 उपग्रह को अंतरिक्ष में लेकर जा रहा था.