तलाक मामले में बेटी को मिलेगा फैमिली पेंशन- कोर्ट का आदेश
Vks Vinayiasacademy.com कोलकाता हाई कोर्ट ने एक फैसले में स्पष्ट किया है कि एक तलाकशुदा बेटी फैमिली पेंशन की हकदार है .भले ही तलाक की डिक्री पेंशन भोगी पिता की मृत्यु के बाद पारित हुई हो. वैवाहिक विवाद या तलाक की कार्यवाही पेंशन भोगी के जीवन काल में शुरू की गई हो. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन ने केंद्र सरकार द्वारा दायर एक रिट याचिका को खारिज कर दिया और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण कोलकाता बेंच ने उस आदेश को बरकार रखा ,जिसमें बेटी को पेंशन देने का निर्देश दिया गया था .कोर्ट के सामने मुख्य कानूनी प्रश्न यह था कि क्या वह बेटी फैमिली पेंशन का दावा कर सकती है .जिसे अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद तलाक की डिक्री मिली हो. कोर्ट ने पेंशन और पेंशन भोगी कल्याण विभाग के 19 जुलाई 2017 के कार्यालय ज्ञापन की व्याख्या करते हुए कहा कि यदि पेंशन भोगी के जीवन काल में तलाक की कार्यवाही सक्षम अदालत में दायर की गई थी तो बेटी पेंशन की योग्यता रखती है. पीठ ने यह पाया कि मौजूदा मामले में पति द्वारा तलाक का मुकदमा पिता के जीवित रहते ही दायर किया गया था और परित्याग के कारण बेटी की अपने पिता पर निर्भरता साबित होती है. याचिका कर्ता मीता सहकर्मकार दक्षिणी पूर्वी रेलवे के पूर्व कर्मचारी की बेटी है और उनका ही मुकदमा चल रहा था

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