कन्हरी पहाड़ जैव विविधता विरासत स्थल घोषित किया जाएगा
झारखंड जैव विविधता पार्षद ने हजारीबाग जिला में स्थित इस पहाड़ को जैव विविधता विरासत विरासत स्थल घोषित करने का प्रस्ताव राज्य वाइल्डलाइफ बोर्ड को भेजा था जिसमें इस पर सहमति दी गई है। इसके तहत करीब 2110.67 एकड़ विभाग इसके अंतर्गत आएंगे इसमें कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती है।
वन विभाग के पूर्वी प्रमंडल में आने वाले इस पहाड़ में आठ गांव है।

स्थान: हजारीबाग शहर से लगभग 3 किलोमीटर दूर।

ऊँचाई: लगभग 2019 फीट (करीब 615 मीटर) समुद्र तल से ऊपर।

यह पहाड़ी हजारीबाग जिले के अंतर्गत आती है और इसका प्रबंधन वन विभाग द्वारा किया जाता है।

यह हजारीबाग के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।


“कन्हारी” या “कनारी” शब्द की उत्पत्ति संताली भाषा से मानी जाती है, जिसका अर्थ होता है “तीर की नोक” (Arrowhead)।

अंग्रेज़ काल में इसका उच्चारण बदलकर “Canary Hill” कहा जाने लगा, हालाँकि “Canary” एक पक्षी का नाम है जो यहाँ नहीं पाया जाता।

ब्रिटिश सर्वेक्षक और इंजीनियर कैप्टन रॉबर्ट स्मिथ (1813) ने यहाँ से आसपास के क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया था।

इस क्षेत्र के आस-पास प्रागैतिहासिक (prehistoric) स्थल, मेगालिथ (बड़े पत्थरों के स्मारक) और बौद्ध अवशेष भी पाए गए हैं।
इससे पता चलता है कि यह स्थान प्राचीन काल से ही महत्वपूर्ण रहा है।

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