भारत सरकार द्वारा रेयर अर्थ मेटल्स पर रिसर्च के लिए झारखंड के कितने संस्थाओं का चयन
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(IIT ISM Dhanbad, National mineral laboratory)
भारत सरकार के द्वारा चलाए गए मिशन नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के तहत पूरे देश में सात प्रमुख संस्थाओं का चयन हुआ है जिसे सेंटर फॉर एक्सीलेंस का नाम दिया गया है।
परिचय:
रेयर अर्थ मेटल्स 17 धातुओं का समूह है।
इसमें 15 लैन्थेनाइड (Lanthanide) तत्व + स्कैंडियम (Scandium) + यट्रियम (Yttrium) शामिल हैं।
प्रमुख तत्व:
लैंथेनम (La), सेरियम (Ce), प्रसीओडाइमियम (Pr), नियोडाइमियम (Nd), समेरियम (Sm), यूरोपियम (Eu), गाडोलिनियम (Gd), टर्बियम (Tb), डिस्प्रोसियम (Dy), होल्मियम (Ho), एर्बियम (Er), थुलियम (Tm), यिट्रबियम (Yb), ल्यूटेशियम (Lu) + स्कैंडियम व यट्रियम।
विशेषताएँ:
पृथ्वी की परत में पर्याप्त मात्रा में होते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से उपयोगी सांद्रण में दुर्लभ।
चमकीली, चुम्बकीय व ऊष्मारोधी (heat-resistant) विशेषताएँ।
मुख्य उपयोग:
इलेक्ट्रॉनिक्स: स्मार्टफोन, टीवी, LED, बैटरियाँ।
नवीकरणीय ऊर्जा: पवन टरबाइन, इलेक्ट्रिक वाहन मोटर, सोलर पैनल।
डिफ़ेंस टेक्नोलॉजी: रडार, लेज़र, मिसाइल गाइडेंस।
काँच व सिरेमिक: पॉलिशिंग, रंगाई।
प्रमुख उत्पादक देश:
चीन (सबसे बड़ा उत्पादक व निर्यातक)।
ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, रूस, भारत, म्यांमार।
भारत में स्थिति:
आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, केरल में मोनाज़ाइट (Monazite) बालू में रेयर अर्थ तत्व पाए जाते हैं।
इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड (IREL) प्रमुख संस्था।
रणनीतिक महत्व:
हाई-टेक और ग्रीन एनर्जी में ज़रूरी होने के कारण इन धातुओं की आपूर्ति भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।