उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया को समझाएं? राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में क्या अंतर होता है? उपराष्ट्रपति की भूमिका और जिम्मेदारियां कौन सी है?
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उपराष्ट्रपति का चुनाव गुप्त मतदान और एकल संक्रमणीय मत प्रणाली से होता है. सांसद अपनी पसंद के उम्मीदवारों को प्राथमिकता क्रम में चुनते हैं .अगर कोई उम्मीदवार कोटा पूरा नहीं करता तो सबसे कम वोट पाने वाले को बाहर कर दिया जाता है और उसके वोटो को दूसरी पसंद में जोड़ दिया जाता है .यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक कोई उम्मीदवार आवश्यक कोटा हासिल ना कर ले. संविधान के अनुच्छेद 66(3 )के अनुसार उपराष्ट्रपति बनने के लिए भारत का नागरिक, कम से कम 35 वर्ष की उम्र एवं राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता होनी चाहिए. अगर वह केंद्री या राज्य सरकार के अधीन किसी लाभ के पद पर है तो वह उम्मीदवार नहीं बन सकता है.
राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनाव में निम्नलिखित अंतर देखे जा सकते हैं. राष्ट्रपति के चुनाव में संसद के दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सांसद और राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली पांडिचेरी जम्मू कश्मीर की विधानसभा के निर्वाचित विधायक वोट डालते हैं .मनोनीत सांसद और विधायक वोट नहीं दे सकते हैं जबकि उपराष्ट्रपति के चुनाव में केवल संसद के दोनों सदन के सभी सांसद निर्वाचित एवं मनोनीत दोनों वोट डालते हैं. इसमें विधायक शामिल नहीं होते हैं .राष्ट्रपति के उम्मीदवारी के लिए कम से कम 50 प्रस्तावक और 50 समर्थक होने चाहिए ,वही उपराष्ट्रपति के लिए 20 प्रस्तावक और 20 समर्थक होने चाहिए .दोनों में वोटिंग सिस्टम एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली का उपयोग होता है लेकिन राष्ट्रपति चुनाव में वोटो का मूल्य अलग-अलग होने से गणना जटिल होती है जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में सभी वोट बराबर होने से यह सरल है. राष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से वरिष्ठतम न्यायाधीश शपथ दिलाते हैं लेकिन उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति उनके पद की शपथ दिलाते हैं.
उपराष्ट्रपति एक कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं जिसमें राष्ट्रपति की अनुपस्थिति या निधन की स्थिति में अस्थाई तौर पर सभी अधिकार को संभालना होता है. राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्यवाही का संचालन करना, नियम लागू करना और बहुमत से बिल पारित करना उनके मुख्य जिम्मेवारी होती है . किसी हाईकोर्ट, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के लिए प्रस्ताव को वह मंजूरी दे सकते हैं .वर्तमान में उपराष्ट्रपति को चार लाख मासिक वेतन राज्यसभा सभापति के तौर पर आवास, सुरक्षा स्टाफ ,यात्रा व चिकित्सा सुविधा दी जाती है एवं वेतन का 50% पेंशन के रूप में दिया जाता है.
उपराष्ट्रपति को लेकर प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न.
अभी तक वैसे उपराष्ट्रपति जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया जिसमें कृष्णकांत जिनका निधन 2002 में हो गया था. इसके अलावा बीवी गिरी. आर वेंकटरमन, शंकर दयाल शर्मा ने राष्ट्रपति बनने के लिए अपने पद से इस्तीफा दिया था. जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारण से इस्तीफा दिया. भारत में अब तक 14 लोग उपराष्ट्रपति बन चुके हैं इनमें डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉक्टर हामिद अंसारी दो कार्यकाल तक इस पद पर रहे हैं.( अभी तक 16 बार चुनाव हो चुका है /17th वर्ष 2025 में हुआ है) अभी तक 6 उपराष्ट्रपति बाद में राष्ट्रपति बने हैं. जिसमें वेंकटरमन शंकर दयाल शर्मा और बीवी गिरी प्रमुख है. इस पद के लिए चार बार निर्विरोध चुनाव हुआ है 1952 में 1957 में 1979 में और 1987 में .वीवी गिरी कार्यवाहक राष्ट्रपति थे उनके के बाद राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों पद खाली हो गया था. ऐसी स्थिति में अनुच्छेद 67 के ए के अनुसार उपराष्ट्रपति लिखित नोटिस देकर राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंप सकते हैं जो तुरंत प्रभावी हो जाता है. राष्ट्रपति कार्यों का निर्वहन अधिनियम 1969 के मुताबिक यदि राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति दोनों पद खाली हो तो भारत के मुख्य न्यायाधीश इसका पद संभालेंगे. उस समय मोहम्मद हिदायतुल्लाह ने एक महीने तक कार्यवाहक राष्ट्रपति का जिम्मेदारी संभाल लिया था. जब डॉक्टर शंकर दयाल शर्मा उपराष्ट्रपति पद का नॉमिनेशन किए थे उसे समय कुल 26 उम्मीदवार भी थे लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उन सभी का नामांकन रद्द कर दिया था. 2007 में उपराष्ट्रपति के लिए तीन प्रमुख उम्मीदवार थे हामिद अंसारी नाजमहपतुल्लाह और रशीद मसूद. 1992 में उपराष्ट्रपति चुनाव में सबसे अधिक वोट से जीतने का रिकॉर्ड के नारायण के लिए है जिनका 700 मत मिला था. अभी तक एक भी महिला उपराष्ट्रपति नहीं बन पाई है. के आर नारायण एवं हामिद अंसारी आईएफएस अधिकारी थे. भैरव सिंह शेखावत उपराष्ट्रपति रहते हुए राष्ट्रपति चुनाव लड़े थे और हार गए. वेंकैया नायडू देश के पहले उपराष्ट्रपति थे जिसका जन्म आजादी के बाद हुआ था. भारत में उपराष्ट्रपति का क्रम इस प्रकार से है. डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ,डॉक्टर जाकिर हुसैन, बी बी गिरी, गोपाल स्वरूप पाठक, बीडी जत्ती, एम हिदायतुल्लाह ,आर वेंकटरमन ,डॉ शंकर दयाल शर्मा, के आर नारायण, कृष्णकांत, भैरव सिंह शेखावत, मोहम्मद हामिद अंसारी, और वेंकैया नायडू ,जगदीप धनकर