क्या भारत रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है? विश्लेषण करें।
Vinay singh Vinayiasacademy.com
हाल ही में फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वार्ता के दौरान मेक इन इंडिया कार्यक्रम के आगे बढ़ने की जानकारी मिली, जिसके द्वारा अब राफेल विमान भारत में ही बनाया जाएगा। भारतीय वायुसेना इस समय लड़ाकू विमान के स्क्वाड्रन की भारी कमी का सामना कर रही है। भारत पहले से ही वायुसेना नौसेना के लिए 62 राफेल विमान का ऑर्डर फ़्रांस को दे चुका है। अब इन नए 114 विमान के आने पर देश में राफेल की कुल संख्या 176 हो जाएगी। अगर इसमें भारतीय नौसेना को मिलने वाले 31 राफेल को भी जोड़ दें तो यहां आंकड़ा 200 से ज्यादा हो जाएगा। इसके साथ-साथ एफ 5 टेक्नोलॉजी को भी फ़्रांस भारत को दे दिया है। नए विमान में सैटेलाइट लिंक्स और एआई आधारित तकनीक लगेगी जो फाइटर जेट को बेहद ताकतवर बना देगा। अब 94 विमान राफेल के भारत में ही बनाए जाएंगे। फ़्रांस के बाहर किसी दूसरे देश में बनाने वाला यह पहला योजना है। इस पूरी परियोजना में 50% स्थायीकरण यानी भारत में बनी सामग्री का इस्तेमाल भी किया जाएगा। इससे भारत में स्वदेशी हथियार और प्रणाल प्रणाली दोनों विकसित हो जाएंगे। भारत रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। सरकार सिर्फ विदेशी हथियार खरीदने पर जोर नहीं दे रही है, बल्कि मेक इन इंडिया के द्वारा भारत में ही विभिन्न प्रकार के उत्पादन, विकास और डिज़ाइन के साथ नए हथियार बनाए जा रहे हैं।

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