संसद में संथाली भाषा की गूंज ,कब है संथाली भाषा दिवस ?
लोकसभा की कार्यवाही का अनुवाद अब संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में उपलब्ध है पहले यह सुविधा केवल 18 भाषा तक ही थी इसमें जमशेदपुर की प्रिया हांसदा दुमका की उषा किरण हंसना हजारीबाग के संजीव मुर्मू का बड़ा योगदान है इन सभी के द्वारा इनका अनुवाद संताली भाषा में किया जा रहा है।
22 दिसंबर को संथाली भाषा दिवस मनाया जाता है वर्ष 2003 में इसी दिन संथाली भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कर इसे आधिकारिक दर्जा दिया गया था।