अंजाद्वीप INS

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गार्डन रीच शिपबिलियर्डस एंड इंजीनियर (GRSE) ने हाल ही में भारतीय नौसेना को अंजाद्वीप आईएनएस नामक अपना तीसरा स्वदेशी एंटी सबमरीन वाॅरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट सौंपा है। यह स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित है जिसमें 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री है और यह जल जेट तकनीक से संचालित है। जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और पनडुब्बी विरोधी क्षमताओं को बढ़ाएगा यह अत्याधुनिक युद्धपोत हल्के टारपीटो, रॉकेट और सोनार से लैस है और तटीय निगरानी व पनडुब्बी रोधी अभियानों में नौसेना की ताकत को मजबूत करेगा।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW): ने हाल ही में शक्ति स्कॉलर्स की युवा अनुसंधान फैलोशिप की शुरुआत की है‌‌।
शक्ति स्कॉलर्स युवा अनुसंधान फैलोशिप जो महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर नीति उन्मुख्य अनुसंधान करने वाले युवा शोधकर्ताओं को 6 महीने के लिए 1 लाख का शोध अनुदान प्रदान करती है ।
इसका विषय महिला सुरक्षा ,लिंग आधारित हिंसा, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य शोषण, आर्थिक सशक्तिकरण, श्रम भागीदारी, POSH कानून, शिक्षा और नेतृत्व । यह फेलोशिप उन युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अनुसंधान के माध्यम से योगदान देना चाहते हैं ‌।

अरावली की नई परिभाषा
सुप्रीम कोर्ट की नई परिभाषा के अनुसार अरावली पहाड़ी नामित अरावली जिलों में कोई भी भू आकृति है जिसकी ऊंचाई अपने स्थानीय भूभाग से 100 मी या उससे अधिक है और अरावली रेंज ऐसी दो या दो से अधिक पहाड़ियों को समूह है जो एक दूसरे से 500 मीटर के दायरे में हो इस बात पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है क्योंकि पर्यावरणविदों का दावा है कि कानूनी सुरक्षा की कमी के चलते नई परिभाषा इस क्षेत्र के 90% हिस्से को खत्म कर सकती है। एडवोकेट गांधी ने CJI कांत से अपने हालिया आदेश में अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं की पहचान के लिए अपनाए गए परिभाषा फ्रेमवर्क पर फिर से विचार करने या उसे साफ करने की अपील की है l

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